Reliance retail ने future group के business को इतने करोड़ रूपए में खरीदा

देश के सबसे बड़े businessman Mukesh Ambani Reliance Retail Ventures Ltd (RRVL) के मालिक, उन्होंने शनिवार को घोषणा की हैं कि वह future Group के retail,
wholesale business, logistics और storage business को aquire कर रहे हैं। यह समाचार future के अन्य सहायक समूहों को स्थानांतरित कर सकता है जैसे कि future retail,
future lifestyle fashions और future consumers, future enterprises के shares में शुक्रवार को 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी , जबकि RIL लगभग सपाट कारोबार कर रहा था।

Reliance retail का कहना हैं कि इस सौदे के साथ फ्यूचर ग्रुप के ब्रांडो के साथ ही उसके Commercial eco system को प्रोटेक्ट किया जाएगा। future group ने अपने retail, wholesale, logistics और warehousing assets को Reliance industries में रिलायंस रिटेल को ₹24,713 crore में sell कर दिया हैं। फ्यूचर ग्रुप के Big Bazaar, FBB, Easyday, Central, Foodhall formats के करीब 1,800 स्टोर्स तक रिलायंस रिटेल की पहुंच होगी, जो भारत के 420 से अधिक शहरों में फैले हुए हैं।

Reliance retail की डायरेक्टर Isha Ambani का कहना हैं कि इस business के साथ हम फ्यूचर ग्रुप के formats और brands के business ecosystem को बना कर रखेंगे, जिसने भारत में modern retail के विकास में एक मुख्य भूमिका निभाई हैं। हम विकास को जारी रखने की उम्मीद करते हैं। ईशा अंबानी ने कहा कि छोटे व्यापारियों और किराना के साथ साथ बड़े बड़े उपभोक्ता ब्रांडों के साथ भी हम रिटेल इंडस्ट्री की growth को बढ़ाएंगे। हम देश भर में अपने कंस्यूमर्स को मूल्य प्रदान करने का कमिटमेंट करते हैं।

खबर के अनुसार RRFLL merge के बाद FEL में 6.09 percent equity shares को acquire करने के लिए 1,200 crore इन्वेस्ट करेंगी। यह इन्वेस्टमेंट equity shares के preferential issue के ज़रिये किया जाएगा। इसके अलावा 400 करोड़ रुपए preferential basis पर जारी share warrants में लगाया जाएगा। इन warrants को share में कन्वर्ट करके इनका बकाया quarter value चुकाने के बाद RRFLL के पास FEL की और 7.05 प्रतिशत हिस्सेदारी आ जाएगी।

Reliance retail के इस डील से फ्यूचर ग्रुप को मिली बड़ी मदद

इस reorganisation और transaction से future group को COVID और macroeconomic के कारण होने वाली समस्याओं से समाधान मिला हैं। इस सौदे से ऋणी फ्यूचर ग्रुप को अपनी उधारी चुकाने में भी मदद मिलेगी। Future Group के CEO,Kishore Biyani ने कहा हैं कि यह ट्रांसक्शन अपने सभी stakeholders को ध्यान में रखता हैं, जिसमे lenders, shareholders creditors, suppliers और employees शामिल हैं।

फ्यूचर ग्रुप के साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज का सौदा अंबानी और Amazon.com Inc.के साथ-साथ Walmart Inc. के बीच युद्ध की रेखाएँ भी खींचता है, जिसने दुनिया के billion peoples और markets पर हावी होने के लिए अरबों डॉलर खर्च किए हैं।

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