Mother Teresa 110th birth anniversary पर कुछ special

ममता और त्याग की मिसाल Mother Teresa लोगो के लिए एक इंस्पिरेशन हैं। आज भी लोगो के प्रति उनका प्यार उनको प्रेरणादायी बनाता हैं। आज मदर टेरेसा का जन्मदिन हैं। Mother Teresa एक Roman catholic nun थीं। इन्हें रोमन कैथोलिक चर्च द्वारा कलकत्ता की Saint Teresa के नाम से नवाजा गया था। Teresa का जन्म 26 अगस्त को North Macedonia की राजधानी Skopje में हुआ था। अठारह वर्षों तक स्कोपजे में रहने के बाद, वह आयरलैंड और फिर भारत चली गईं, जहाँ वे अपने जीवन के अधिकांश समय रहीं।

Mother Teresa biography

Mother Teresa का असली नाम Anjezë Gonxhe Bojaxhiu था। उन्होंने अपनी मर्ज़ी से सन् 1949 में भारतीय नागरिकता ले ली थी। महज 18 वर्षो में उन्होंने समाज सेवा करने का निर्णय लिया और मिस्टरस ऑफ़ लॉरेटो मिशन से जुड़ गयी। Joan Graff Clucas की बायोग्राफी के अनुसार टेरेसा अपने शुरुआती वर्षों में थीं जब वे मिशनरियों के जीवन और बंगाल में उनकी सेवा की कहानियों से रोमांचित थीं। 12 साल की उम्र तक, उसे विश्वास था कि उसे खुद को धार्मिक जीवन के लिए प्रतिबद्ध करना चाहिए। 15 अगस्त 1928 को उनका संकल्प दृढ़ हो गया।

Mother Teresa ने 1948 में गरीबों के साथ मिशनरी काम शुरू किया था। टेरेसा ने अपने वेश भूषा को एक पारम्परिक साधारण, सफेद सूती साड़ी के साथ बदल दिया। टेरेसा ने भारतीय नागरिकता ग्रहण की, पवित्र परिवार अस्पताल में बुनियादी चिकित्सा प्रशिक्षण प्राप्त करने और मलिन बस्तियों में रहने के लिए पटना में कई महीने बिताए। गरीबों और भूखे लोगों के प्रति रुझान पैदा करने से पहले, उन्होंने मोतीझील, कोलकाता में एक स्कूल की स्थापना की।

टेरेसा युवा महिलाओं के एक समूह के प्रयास में शामिल हुईं, और उन्होंने “गरीबों में सबसे गरीब” मदद करने वाले एक नए धार्मिक समुदाय की नींव रखी। उनके प्रयासों ने प्रधानमंत्री सहित कई अधिकारियो का ध्यान आकर्षित किया। टेरेसा ने अपनी डायरी में लिखा है कि उनका पहला साल कठिनाई से भरा था। आय के साथ, वह भोजन और आपूर्ति के लिए भीख माँगती थी, और इन शुरुआती महीनों के दौरान कॉन्वेंट जीवन के आराम में लौटने के लिए संदेह, अकेलापन और प्रलोभन का अनुभव करती है:

“हमारे भगवान चाहते हैं कि मैं एक गरीब को गरीबी से दूर करूं। आज, मैंने एक अच्छा सबक सीखा है। गरीबों की गरीबी उनके लिए बहुत कठिन होनी चाहिए। एक घर की तलाश करते हुए मैं तब तक चली जब तक मेरे हाथो पैरो में दर्द नहीं हुआ। तब मैंने सोचा कि उनके शरीर और आत्मा में कितना दर्द होता होगा घर, भोजन, और स्वास्थ्य की तलाश में।”

International charity में टेरेसा का योगदान

Mother Teresa रक्त से Albanian थी, लेकिन नागरिकता से एक भारतीय और विश्वास एक Catholic nun थी। इसीलिए उनका मानना था कि दिल से वो पूरी दुनिया से सम्बंधित हैं। 1982 में Beirut में टेरेसा ने अस्पताल में फंसे 37 बच्चों को बचाया था। 1988 में भूकंप के बाद टेरेसा ने Armenia का दौरा किया और वहां के Council of Ministers के chairman से मुलाकात की। 1996 तक, टेरेसा ने 100 से अधिक देशों में 517 मिशन संचालित किए। जिसमे 450 केंद्र “गरीबों में सबसे गरीब” की सेवा करते हुए हज़ारो में पहुंच गए।

Mother Teresa death

Mother Teresa को 1983 में दिल का दौरा पड़ा था। सन् 1989 में उनको दूसरा अटैक पड़ा जिसके बाद कई सारी heart problems का सामना करना पड़ा उन्हें, हालांकि टेरेसा की हार्ट सर्जरी हुई थी, लेकिन उनकी सेहत में गिरावट आ रही थी। और 13 मार्च 1997 को टेरेसा ने मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी के प्रमुख के रूप में इस्तीफा दे दिया जिसके बाद 5 सितंबर को उनकी मृत्यु हो गयी।

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कौन से पुरस्कार से नवाज़ा गया टेरेसा को

Mother Teresa की मानवता ने लोगो को सीख दी कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म हैं। इसी के साथ 1962 में उनको Ramon Magsaysay Award से नवाज़ा गया। सन् 1979 में Nobel Peace Prize और सन् 1980 में Bharat Ratna से नवाज़ा गया, 1962 में Padma Shri से नवाज़ा गया। टेरेसा के नेक कामो के लिए उन्हें अन्य कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया हैं।

Mother Teresa quotes

छोटी-छोटी बातों में विश्वासयोग्य बनें क्योंकि यह उनमें है कि आपकी ताकत निहित है।

हर जगह प्यार फैलाओ जहाँ तुम जाओ। कोई भी व्यक्ति कभी भी खुश रहे बिना आपके पास नहीं आता है।

शांति की शुरुवात मुस्कराहट से होती हैं।

प्यार की भूख रोटी की भूख से ज्यादा मुश्किल है।

कल चला गया है। कल अभी नहीं आया है। हमारे पास आज ही है। चलो शुरू करें।

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