Irregular Periods Problem Solution-अनियमति पीरियड्स का घरेलू अचूक इलाज

Irregular Periods की दिक्कत महिलाओं में पहले बहुत कम थी पर आजकल ये काफी बढ़ गयी है और अब लड़कियां भी इस परेशानी से प्रभावित है। एक  सर्वेक्षण (survey) से यह पता चला की 40% से  50% तक या ज्यादा महिलाएं अनियमित पीरियड्स से गुजर रही हे। पीरियड्स या माहवारी के सुरुवाती समय में Periods का अनियमित होना कुछ समय वर्षो  के लिया जायज  है या फिर आपके माहवारी ख़त्म होने से पहले होना ठीक है, परंतु इसके बाद नहीं।

हर स्त्री का शरीर अलग होता और उनमे अलग-अलग समय में माहवारी होती है  सामान्य तौर पर 21 से 35 दिनों के अन्दर periods हो जाता है। महिलाओ में अगर माहवारी 21 से 35 दिनों के बीच में हो जाए  तो वह नियमित पीरियड्स (regular periods) होता है और अगर यही चीज 35 दिनों से ज्यादा समय के बाद हो तो अनियमित पीरियड्स (irregular periods ) बोला जाता हे। 

जरुरी नहीं की अगर आपके माहवारी नहीं हुई तो आप प्रेग्नेंट है। यह सोचकर स्ट्रेस ना ले, आप प्रेगनेंसी किट का इस्तेमाल कर चेक कर सकते है, उसके बाद अपने खान-पान ख्याल रखे और डॉक्टर के पास जाकर अपनी दिक्कत बता सकते हे। इस पोस्ट में हम periods से  जुड़े हुए आपके कई सवालों के जवाब देंगे जैसे:-

 1. माहवारी में होने वाली दिक्कत दर्द के उपाए ?

2. माहवारी क्यों होती हे उसके कारण ?

3. कैसे जाने की आपके पीरियड्स अनियमित हे ?

4. अनियमित पीरियड की दिक्कत का समाधान ?

5. घरेलु नुस्के के मदद से पीरियड्स  या माहवारी तुरंत कैसे होगा ?

6. माहवारी में होने वाली दिक्कत दर्द के उपाए ?

7. माहवारी क्यों होती हे उसके कारण ?

माहवारी ठीक से ना होने के कई कारण हो सकते हे ,पहला यौवन ( जब किसी स्त्री को पहली बार माहवारी होती है) जो की 10 से 16 साल की उम्र तक के बिच में हो जाता है, दूसरा रजोनिवृत्ति (menopause – जब मासिक धर्म बन्द होता जोकि 45 से 55 साल तक की उम्र  में हो जाता ) इसके बाद उन्हें मासिक नहीं होता तो कभी-कभी यह होने से पहले पूरी संभावना होती अनियमिता  की और जब आप अपनी ज़िन्दगी में कुछ बदलाव शुरू  करते तब जैसे – ज्यादा स्ट्रेस के वजह या फिर ठीक तरीके से खान -पान ना करना, शरीर में कमजोरी, हार्मोनल चंगेस  (hormonal change) , होर्मोनेस असुंतलन  (hormones imbalance) , वजन का कम या ज्यादा होना , भारी  व्यायाम (Exercise),  गर्भावस्था (pregnancy) ,  कोई बीमारी , ख़राब पोषण , गर्भनिरोधक गोलियाँ , PCOD   (Polycystic ) पोल्य्सिस्टिक यह महिलाओ को शारीरिक और मानसिक रूप से थकान ,तनाव जैसी परेशानी करता और पीरियड्स में अनियमिता ले आता हे।

 कैसे जानें की आपके पीरियड्स अनियमित है

अनियमित पीरियड्स का सबसे मुख्य लक्षण है कि जब नियमित  या अनुसूची समय के बाद या ज्यादा देर में होना। अपने आप में एक लक्षण हे। नियमित माहवारी 28 दिनों की होती, जिसमे  मासिक सामान्य रूप से 2 से 5 दिन तक हो जाता पर आजकल यह  2 से 7 दिनों तक समाप्त होती।

यौवन के शुरू होने के बाद कम से कम दो साल लगते नियमित पीरियड्स होने में , वैसे हर एक महीने कुछ सामान्य दिनों के अंदर यानि 22 से 35 के बीच में होना एक सवस्थ महिला की निशानी होती। परन्तु यदि 35 दिनों से ज्यादा हो जाए तो गंभीर बात है।  irregular periods अनियमति महावरी के कारण बहुत सी कठनाई का सामना करना पड़ता जैसे –  भारी मात्रा में रक्त का आना, खून का हल्का रंग, तीव्र दर्द, ऐंठन (cramping).

 अनियमित पीरियड की दिक्कत का समाधान?- (periods stomach pain solution)

1 .  Yoga –  योग एक प्राकृतिक क्रिया के साथ प्रभावी उपाए भी है, जिसे हम अपने इस परेशानी को कम करसकते हे। यह आपकी मासिक धर्म की समस्या को ठीक करने में काफी असरदार इलाज है। सबसे पहले स्ट्रेस (stress), डिप्रेशन  (depression) और मानसिक अवस्था को शांत करता और माहवारी के दर्द से भी राहत प्रदान करता है। वैसे हर इंसान को रोज योगा करना चाहिए और कम से कम दिन में 30 – 25 min तक के लिए जरूर करें। सबसे बेहतर समय योगा का सुबह या फिर शाम का होता हे।

Matsyasana

2. Matsyasana ( मत्स्यासन) or Fish Pose –  सबसे पहले अपने  पीठ के बल ज़मीन पर लेट जाए फिर दोनों पैरो को क्रॉस के आकार की तरह करले और  पूरे शरीर को आराम में रहने दें। अपने शरीर के अंदर की आवाज सुने उसमे चल रहे एहसास को महसूस करे। अब अपने हाथो और कोहनी का सहारा लेते हुए छाती को  हल्का ऊपर करे। लेकिन सर जमीन पर ही रखे, फिर हाथो से अपने पैरो की पहली ऊँगली को पकड़  ले,धीरे-धीरे  गहरी सांस ले और फिर  अपने कोहनी को आराम से धीरे से फिर पूरे शरीर को नीचे करे।

dhanurasan
dhanurasan

3. Dhanurasana (धनुरासन ) or Bow Pose – जमीन में पेट के बल सीधे लेट जाए फिर दोनों पैरो के घुटनों को अपनी ओर झुकाए और टखने को पकड़ ले, धीरे-धीरे साँस ले और जंगो, पीठ, सर, छाती को ऊपर करे। एक संतुलन में पूरे शरीर को पेट के बल रखे  और थोड़ी देर बाद सांस को छोड़ दे और आराम से पूरे शरीर को नीचे करे।

Dhanurasana
Dhanurasana

4. Ustrasana or (Camel Pose) – यह करने के लिए आपको पहले अपने शरीर में थोड़ा जोश में लाना पड़ता है (warm up) , घुटने को ज़मीन में रखे पैरो बीच में जगह हो और पूरे शरीर को ऊपर की तरफ सामने देखें, अपने हथेली को पीछे कमर में नीचे की तरफ लेते हुए  सांस ले और छोड़ दे। शरीर को नीचे झुकाए पर पूरा नहीं, जहा तक कोई दिक्कत ना हो वहां तक। यही 2-3 बार करने के बाद आते है असली  पोस्चर में।  हाथो से टखने को पकड़ ले, अब पूरे शरीर को पीछे झुकाए और हिप्स को आगे की तरह सांस लेते और छोड़ते हुए।

Ustrasana5. Malasana (मालासन)or (Garland Pose) – आप पूरे शरीर को सीधा रखे पैरो में थोड़ी दूरी रखे ,धीरे-धीरे घुटने को नीचे करे और ज़मीन को पकड़ने की कोशिश करे और  हिप को नीचे करे, अपने घुटने को कोहनी का सहारा लेकर दूर रेक, पीठ आपकी झुकी नहीं होनी चाहिए, छाती को चौड़ा रखे और नमस्ते करते समय जैसे हम हाथो को करते वैसा करे और सीने के पास रखे, पीठ सीधी होनी चाहिए और फिर साँस ले और छोड़ते जाए। ये क्रिया करने के बाद आराम से पूरे शरीर को पहले की तरह करे।

  2 . Exercise –  व्यायाम करके आप अपने शरीर को फिट रख सकते, महिलाओ में यह अनियमित पीरियड की ज्यादा वजन या कम वजन  के कारण  होता हे। running  , वाकिंग walking , पुश उप ( push -ups ) और कई सारे क्रिया कर सकते है। यह करके हम स्ट्रेस, डिप्रेसन, गुस्सा जैसी चीजों से दूर रखता है। आपको कोशिश करनी चाइए कि हर हफ्ते में जितना हो एक्सरसाइज करें।

 3. Maintain Healthy diet with  all vitamins –  आपको अपने खान-पान का भी ख़ास ख्याल रखना चाइए। आपको एक ही हेल्थी डाइट लेना चाइए। जिसमे हर एक पोषण, विटामिन, प्रोटीन जो आपके शरीर के लिए जरुरी है, उसे खाने में जरूर खाए। फल में आप – अनार, कच्चा पपीता (अगर आप गर्भावस्था में नहीं है), हल्दी वाला दूध , अदरक वाली चाय, गुढ़ और ऐसी चीजे जो शरीर में खून बढ़ा दे,  सरीर के अंदर गर्माहट लाए। जो आपकी पीरियड्स की अनियमिता को कम कर सके।

 घरेलु नुस्के के मदद से पीरियड्स या माहवारी तुरंत कैसे होगा ?

 1 . अदरक की चाय – आपको यह बनाने के लिए एक ग्लास पानी और थोड़ा अदरक काट लेना होगा। फिर मध्यम आंच में गैस पर बैठा दे।  थोड़ा खौला ले ताकि अदरक का पूरा तत्व आ जाए और छान कर पी ले।

 2 . अजवाइन (Ajwain) – अजवाइन एक  जूस या काढ़ा बना कर पीने से अनियमित माहवारी के कारण पीरियड्स या माहवारी हो जाएगी, इसे बनाने के लिए आपको दो वस्तु चाहिए। पहली अजवाइन और दूसरा गुड़। चालिए बनाते है, एक चम्मच अजवाइन ले उसमे एक चम्मच गुड़ दोनों को एक गिलास पानी में मिला कर पीले। ध्यान रखे यह खाली पेट सुबह के समय नियमित पीरियड तारिक के अनुसार से 10 दिन पहले शुरू कर दे।

3 .  पपीता (Papaya) – इसको आप ऐसे कच्चा भी खा सकते या फिर कच्चे पपीते का जूस बना कर पीले। दिन में दो बार, यह भी पीरियड्स जल्दी होने में मदद करेगा।

4 . अनार (Pomegranate) – आप चाहे तो ऐसे छील कर भी खा सकते और  जूस बना ले और 15 दिन पहले पीना शुरू करे क्योंकी यह आपके शरीर में खून बनाता है।

 5 . बादाम (almond ) – बादाम खाने से आपकी होर्मोनस में असुंतलन को ठीक करता है। यह आपके होर्मोनस असुंतलन की समस्या को कम करने में मदद करता है और पीरियड्स को नियमित करता है।

6 . धनिया के बीज (Coriander Seeds) – आप इसे बनाने के लिए एक चम्मच धनिया के बीज को 2 कप पानी में डाल कर उबाल ले और इंतजार करे फिर उसे छानकर पीले। पीरियड्स की डेट से पहले यह काफी मदद करेगा।

 7 . अंगूर (Grapes) – इसको आप ऐसे भी खा सकते है और चाहे तो जूस बना ले, अंगूर में विटामिन सी , मिनरल्स ये दोनों पाए जाते और अनियमित माहवारी को कम कर देता हे।

8. एक गुड़ को थोड़ी सी हींग के साथ मिला ले, ऐसे आपको कुछ दिनों में माहवारी हो जाएगी पर ध्यान रखे कि ज्यादा हींग न मिलाए उससे आपको पेट  में गैस हो सकती है।

माहवारी में होने वाली दर्द के उपाए?

पहले जानते है कि यह दर्द क्यों  होता हे, भारी मात्रा में रक्त का आना, अनियमित पीरियड्स, ऐंठन, यौवन (पहली बार आपको मासिक हो रहा है) , साफ़ तरीके से पीरियड नहीं हो रहा तो इन सभी कारण से होता हे। माहवारी के कारण होने वाले दर्द को द्य्स्मेनोर्रही  (Dysmenorrhea) बोलते है। यह अक्सर शुरू के दिनों या दूसरे दिन में होता है पर सबका शरीर अलग होता है इसलिए सबको अलग अलग दिनों में हो सकता है,चलिए जानते है दर्द को कम करने के उपाय।

 • पानी को हल्का गरम करले इतना गरम न करे की जल जाए, फिर उसे किसी बोतल में डालकर अपने पेट की सिकाई करले। इसे आपके दर्द को बहुत आराम मिलेगा।

• आप योग भी कर सकते है, जिसे आपकी माहवारी में होने वाले कष्ट कम हो जायेंगे।

• पेट में तेल से मालिश करने पर आपको बहुत लाभ होगा। माहवारी के दौरान तेल जैसे – दालचीनी का तेल, लौंग का तेल ,पेपरमिंट तेल यानि पुदीने का तेल आदि से मालिश कर सकते है।

• हल्दी वाला दूध बहुत ही बेहतर घरेलु इलाज है,एक गिलास दूध गरम करे और उसमे एक छोटी चम्मच हल्दी और स्वादानुसार चीनी मिला कर पी लें।

• आप कुछ दवाई भी ले सकते जैसे- हेमपुष्पा, सच्ची सहेली। ये आपके उन दिनों में खून को साफ़ तरह से निकलने में मददत करता है और इसे आप अपनी माहवारी के समय 10 -15 दिन पहले पीना शुरू कर लें, ताकि पीरियड्स भी जल्दी हो और दर्द न हो। माहवारी के दौरान इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि ये बहुत कम दाम में और हर नजदीकी मेडिकल स्टोर में भी उपलब्थ होती है। वैसे सबसे अच्छा यही होगा कि आप कोई भी दवा लेने से पहले Doctors से सलाह लें।

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निष्कर्ष: आशा करती हूँ कि इस आर्टिकल को पढ़ कर आपको आपके सारे सवालों का जवाब मिल गया होगा। इस आर्टिकल को पढ़कर बताई गई सारी चीजों को ठीक तरह इस्तेमाल करे और अपनी अनियमित पीरियड्स या माहवारी से छुटकारा पाए। और ज्यादा जानकारी के लिए आप इस तरह के गूगल पर और भी आर्टिकल पढ़ सकते है या यूट्यूब पर और जानकारी ले सकते है, धायनवाद।

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