Brazil President Jair Bolsonaro होंगे 26 January 2020 के मुख्य अतिथि

भारतीय संस्कृति में प्राचीन कहावत है “अतिथि देवो भवः ” यानि कि अतिथि या मेहमान देवता के समान होते है। उन्हें देवों का दर्जा दिया गया है। उनके आदर, सत्कार तथा खान पान के लिए विशेष प्रबंध किये जातें हैं। हमारे देश में अतिथि के सेवा-सत्कार से लोगों को उतनी ही खुशी मिलती है जितनी खुशी देवों का सत्कार करने से मिलती है। ऐसा माना जाता है की अतिथि की सेवा-सत्कार से बढ़कर कोई अन्य महान कार्य नहीं है।

हमारे देश में परम्परा है की हम हर बार 26 January को दिल्ली में होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर किसी दूसरे देश के राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री या फिर किसी बड़ी हस्ती को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करते हैं।

इस बार 26 January 2020 को भारत के 71वें गणतंत्र दिवस पर आयोजित होने वाली परेड में मुख्य अतिथि Brazil के President Jair Bolsonaro होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर President Jair Bolsonaro 24-27 January 2020 तक भारत के राजकीय मेहमान होंगे। उनकी इस यात्रा से भारत-ब्राजील के बीच संबंधों के और मजबूत होने की उम्मीद है।

मुख्य अतिथि के तौर पर उनका आज यानी 25 January को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक रूप से स्वागत किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहें। इसके पहले उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी। 27 जनवरी को राष्ट्रपति President Jair Bolsonaro भारत-ब्राजील व्यापार मंच में भारतीय और Brazil के कारोबारियों को संबोधित करेंगे

आईये विस्तार से जानते हैं Brazil के President Jair Bolsonaro के जीवन के बारे में

उनके नाम को लेकर एक दिलचस्प कहानी भी है। उनका परिवार द्वितीय विश्व युद्ध के बाद इटली से ब्राजील शरणार्थी बनकर आया था। पिता पर्सी गेराल्डो बोलसनारो और माँ ओलिंडा बोंटूरी बोलसनारो अपने बेटे का नाम मेसियस या मसीहा रखना चाहते थे, लेकिन एक पडोसी के कहने पर जेयर जो एक ब्राजीली फुटबॉल खिलाड़ी थे उनके नाम पर रखा।

Brazil President ने 15 दिन जेल में बिताये हैं

साल 1977 में चयन हुआ मिलेट्री अकादमी में हुआ था। सेना में तैनात रहते हुए उनहोंने 1987 में सैनिकों को मिलने वाले कम वेतन भत्तों को लेकर एक पत्रिका में लेख छपने के कारण उन पर कार्रवाई की गई। इस घटना के बाद उन्हें समर्थन स्वरूप पूरे देश से 150 टेलीग्राम सैनिकों से प्राप्त हुए थे। गिरफ्तार होने के 15 दिन बाद उन्हें जेल रिहा कर दिया गया था। उनहोंने 1988 में नौकरी छोड़ दी और राजनीति में आगये। Brazil का President बनने के पहले 7 बार फेडरल डेप्यूटी यानी सांसद के पद पर रहे।

दक्षिणपंथी विचारधारा से प्रेरित Bolsonaro एक बेहद विवादित शख्सियत हैं और उन्हें ‘ब्राजील का ट्रंप भी कहा जाता है। Bolsonaro अकसर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। बोलसोनारो ने लेफ्ट सरकार को हटाकर सत्ता हासिल की थी। President Bolsonaro महिलाओं के खिलाफ कई बार बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी कर चुके हैं और उन्होंने गर्भपात, नस्लवाद, प्रवासन, समलैंगिकता के विरोध में कई नकारात्मक बयान दिए हैं जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी काफी आलोचन हुयी थी ।

Brazil की एक महिला सांसद को लेकर Bolsonaro बहुत ही भद्दी टिप्पणी की थी। असल में हुआ यूँ था की एक बार जब संसद में महिला सांसद मारिया डू रोसारियो ने उन पर रेपिस्ट होने का आरोप लगाया तो मारियो के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने कहा था, “मैं अगर रेप कर सकता तो भी तुम्हारा रेप नहीं करता क्‍योंकि तुम इस लायक ही नहीं हो।” इस बात को लेकर दुनियाभर में तीखी आलोचना हुई थी

अपनी बेटी लेकर उनके द्वारा दिया गया बयान बेहद ही अपमानजनक है। उन्होंने कहा था, ‘मेरे पांच बच्चे हैं। इनमें से चार पुरुष हैं। पांचवां बच्चा जब पैदा हुआ तो मैं उस वक्त कमजोर था जिसके कारण मुझे लड़की हुई।’

अर्थव्यवस्था के लिए Jair Bolsonaro महिलाओं को कमजोर कड़ी मानते हैं

उन्होंने एक बयान में कहा था, “महिलाएं गर्भवती हो जाती हैं जिसके कारण कार्य बाधित होता है, इसके अलावा वे पांच महीने काम करती हैं और उन्‍हें पूरे साल का वेतन देना पड़ता है जिससे उद्योगों को काफी नुक्सान उठाना पड़ता है ।”